ये हैं हरियाणा की हॉट सीटें, 8 अक्टूबर को इन पर रहेगी नजर, जानिए किसकी है जीतने की उम्मीद ?
हरियाणा की हॉट सीटें, जिन पर रहेगी सबकी नजर,इन हॉट सीटों पर कौन होगा विजेता, क्या नए खिलाड़ी मार जाएंगे बाजी या फिर पुराने बरगदों की जड़ें हैं मजबूत ?
सबसे पहले बात कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सैनी की सीट लाडवा की।
नायब सैनी ने लाडवा से चुनाव लड़ा, मुख्यमंत्री के सामने कांग्रेस के मेवा सिंह उम्मीदवार हैं। 2019 में मेवा सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार पवन सैनी को हराया था। अबकी बार उनकी टक्कर सीएम नायब सैनी से है।

गढ़ी-सापला किलोई- ये सीट पारंपरिक रूप से भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ रही है। इस बार बीजेपी की ओर से यहां मंजू हुड्डा चुनावी मैदान में हैं। भूपेंद्र हुड्डा खुद जाट हैं और यहां जाट वोटों की बहुलता है। हुड्डा यहां से पांच बार जीत चुके हैं। ऐसे में जब प्रदेश में कांग्रेस की लहर है तो मंजू हुड्डा के लिए ज्यादा कुछ दिखता नहीं है।

अंबाला कैंट विधानसभा सीट-यहां से अनिल विज चुनावी मैदान में हैं। वो 6 बार यहां से विधायक चुने जा चुके हैं। अबकी बार उन्हें निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ रहीं चित्रा सरवारा से चुनौती मिल रही है। कांग्रेस से परविंदर परी विज के सामने हैं।

बात करते हैं जींद की जुलाना सीट की, यहां से कांग्रेस की ओर से विनेश फोगाट चुनाव लड़ रही हैं। उनके सामने बीजेपी के कैप्टन योगेश बैरागी चुनावी मैदान में हैं। लेकिन बाजी विनेश की तरफ जाती हुई दिख रही है। 2019 में यहां जेजेपी के अमरजीत ढांडा चुनाव जीते थे। जो अबकी बार फिर से चुनावी मैदान में हैं।लेकिन इस बार उनकी कोई चर्चा नहीं हुई। यहां इनेलो बसपा उम्मीदवार सुरेंद्र लाठर भी चुनावी मैदान में हैं।लेकिन जीत विनेश की दिखती है।

जींद जिले की ही एक और हॉट सीट उचाना कलां, यहां से पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला चुनावी मैदान में हैं। उन्हें कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह और बीजेपी के देवेंद्र अत्री से चुनौती मिल रही है। अब इसमें जीत किसकी होती है इसमें अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

हिसार जिले की बात करें तो यहां हिसार विधानसभा सीट पर सावित्री जिंदल निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने बीजेपी की ओर से टिकट ना मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उन्हें मौजूदा सरकार में मंत्री बीजेपी के डॉ. कमल गुप्ता चुनौती दे रहे हैं।यहां कांग्रेस की ओर से रामनिवास चुनावी मैदान में हैं।

सिरसा जिले की ऐलानाबाद सीट से इनेलो के अभय चौटाला चुनावी मैदान में हैं,उन्हें कांग्रेस के भरत सिंह बेनीवाल, बीजेपी के अमीर चंद, आप के मनीष अरोड़ा और जेजेपी-एसपी की अंजनी लड्डा से चुनौती मिल रही है। अभय चौटाला यहां से 2010 से लेकर 2021 तक लगातार चार चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन अबकी बार मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। टक्कर कांग्रेस के भरत सिंह बेनीवाल से मिल रहा है।
सिरसा जिले की रानिया विधानसभा सीट, रानिया से मौजूदा निर्दलीय विधायक रणजीत चौटाला हैं, जो एक बार फिर निर्दलीय ही वहां से उम्मीदवार हैं। इस बार उन्हें कांग्रेस के सर्वमित्र कंबोज से टक्कर मिल रही है। सर्वमित्र कंबोज पत्रकार से राजनीतिज्ञ बने हैं। वहीं इनेलो की ओर से अर्जुन चौटाला, बीजेपी की ओर से शीशपाल कंबोज चुनावी मैदान में हैं। परंपरागत रूप से ये सीट इनेलो की रही है।
यहां जेजेपी-एएसपी गठबंधन ने रणजीत चौटाला को समर्थन देने का ऐलान किया है, जो अपने पोते अर्जुन चौटाला का सामना कर रहे हैं।

भिवानी जिले की तोशाम विधानसभा सीट, तोशाम विधानसभा सीट से इस बार किरण चौधरी ने बीजेपी में आने के बाद अपनी बेटी श्रुति चौधरी को टिकट दिलवाई, वहीं कांग्रेस ने उनके चचेरे भाई अनिरुद्ध चौधरी को टिकट दिया है। मुकाबला कड़ा है। क्योंकि एक बंसीलाल की पोती है और दूसरा बंसीलाल का पोता है। अब देखना ये होगा कि आगे ये विरासत किसके हाथ में जाती है।